Mon, 06 Apr 2026
Breaking News
वैशाली में टला बड़ा रेल हादसा : रेलवे फाटक खोलकर गेटमैन गायब, 10 मिनट तक हॉर्न बजाता रहा लोको पायलट | संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता कितनी अहम : सुप्रीम कोर्ट की जज ने चुनाव आयोग की आजादी पर खींच दी लकीर, CAG को भी दी सीख | कमर्शियल सिलेंडर के लिए बदला नियम : बदला नियम, अब LPG सिलेंडर चाहिए तो पूरी करनी होगी ये शर्त, वरना सप्लाई बंद, PNG पर सरकार का इतना जोर क्यों, मकसद समझिए | Rajasthan Royals Captain Riyan Parag Statement After Wi : आर्चर से 19वां ओवर करवाने का सुझाव किसने दिया? जीत मिलते ही कैप्टन पराग ने सबसे बड़े धुरंधर का नाम किया उजागर | Varanasi news : मोहन यादव ने काशी की कचौड़ी-जलेबी का स्वाद लिया, सादगी ने लोगों को मोहा | छुट्टी नहीं लेने पर नहीं होगा कोई नुकसान : अब हर साल बची हुई छुट्टियों के बदले मिलेगा पैसा, नए लेबर कोड 2025 से मिलेंगे ये फायदे! | वायरस में म्यूटेशन इसे बना रहा है चिंताजनक : 70 से ज्यादा म्यूटेशन वाला कोरोना का नया वैरिएंट कितना खतरनाक, किसे ज्यादा खतरा? जानिए विस्तार से | अमेरिकी बंधकों संग हुआ कैसा बर्ताव : आंखों पर बांधी पट्टी, घुटनों के बल बैठाया और..., अमेरिकियों को बंधक बनाकर क्या करता है ईरान | अमेरिका ने कैसे अपने पायलट को बचाया : रेस्क्यू ऑपरेशन में फंस गए थे US फोर्स ! खुद के ही 2 हेलीकॉप्टर में किया धमाका, कैसे लौटे वापस? | सुनेत्रा के सपने पर कांग्रेस का अड़ंगा : राजनीति की बड़ी खिलाड़ी निकलीं सुनेत्रा पवार, चल दी ससुर शरद पवार वाली चाल | वैशाली में टला बड़ा रेल हादसा : रेलवे फाटक खोलकर गेटमैन गायब, 10 मिनट तक हॉर्न बजाता रहा लोको पायलट | संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता कितनी अहम : सुप्रीम कोर्ट की जज ने चुनाव आयोग की आजादी पर खींच दी लकीर, CAG को भी दी सीख | कमर्शियल सिलेंडर के लिए बदला नियम : बदला नियम, अब LPG सिलेंडर चाहिए तो पूरी करनी होगी ये शर्त, वरना सप्लाई बंद, PNG पर सरकार का इतना जोर क्यों, मकसद समझिए | Rajasthan Royals Captain Riyan Parag Statement After Wi : आर्चर से 19वां ओवर करवाने का सुझाव किसने दिया? जीत मिलते ही कैप्टन पराग ने सबसे बड़े धुरंधर का नाम किया उजागर | Varanasi news : मोहन यादव ने काशी की कचौड़ी-जलेबी का स्वाद लिया, सादगी ने लोगों को मोहा | छुट्टी नहीं लेने पर नहीं होगा कोई नुकसान : अब हर साल बची हुई छुट्टियों के बदले मिलेगा पैसा, नए लेबर कोड 2025 से मिलेंगे ये फायदे! | वायरस में म्यूटेशन इसे बना रहा है चिंताजनक : 70 से ज्यादा म्यूटेशन वाला कोरोना का नया वैरिएंट कितना खतरनाक, किसे ज्यादा खतरा? जानिए विस्तार से | अमेरिकी बंधकों संग हुआ कैसा बर्ताव : आंखों पर बांधी पट्टी, घुटनों के बल बैठाया और..., अमेरिकियों को बंधक बनाकर क्या करता है ईरान | अमेरिका ने कैसे अपने पायलट को बचाया : रेस्क्यू ऑपरेशन में फंस गए थे US फोर्स ! खुद के ही 2 हेलीकॉप्टर में किया धमाका, कैसे लौटे वापस? | सुनेत्रा के सपने पर कांग्रेस का अड़ंगा : राजनीति की बड़ी खिलाड़ी निकलीं सुनेत्रा पवार, चल दी ससुर शरद पवार वाली चाल | वैशाली में टला बड़ा रेल हादसा : रेलवे फाटक खोलकर गेटमैन गायब, 10 मिनट तक हॉर्न बजाता रहा लोको पायलट | संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता कितनी अहम : सुप्रीम कोर्ट की जज ने चुनाव आयोग की आजादी पर खींच दी लकीर, CAG को भी दी सीख | कमर्शियल सिलेंडर के लिए बदला नियम : बदला नियम, अब LPG सिलेंडर चाहिए तो पूरी करनी होगी ये शर्त, वरना सप्लाई बंद, PNG पर सरकार का इतना जोर क्यों, मकसद समझिए | Rajasthan Royals Captain Riyan Parag Statement After Wi : आर्चर से 19वां ओवर करवाने का सुझाव किसने दिया? जीत मिलते ही कैप्टन पराग ने सबसे बड़े धुरंधर का नाम किया उजागर | Varanasi news : मोहन यादव ने काशी की कचौड़ी-जलेबी का स्वाद लिया, सादगी ने लोगों को मोहा | छुट्टी नहीं लेने पर नहीं होगा कोई नुकसान : अब हर साल बची हुई छुट्टियों के बदले मिलेगा पैसा, नए लेबर कोड 2025 से मिलेंगे ये फायदे! | वायरस में म्यूटेशन इसे बना रहा है चिंताजनक : 70 से ज्यादा म्यूटेशन वाला कोरोना का नया वैरिएंट कितना खतरनाक, किसे ज्यादा खतरा? जानिए विस्तार से | अमेरिकी बंधकों संग हुआ कैसा बर्ताव : आंखों पर बांधी पट्टी, घुटनों के बल बैठाया और..., अमेरिकियों को बंधक बनाकर क्या करता है ईरान | अमेरिका ने कैसे अपने पायलट को बचाया : रेस्क्यू ऑपरेशन में फंस गए थे US फोर्स ! खुद के ही 2 हेलीकॉप्टर में किया धमाका, कैसे लौटे वापस? | सुनेत्रा के सपने पर कांग्रेस का अड़ंगा : राजनीति की बड़ी खिलाड़ी निकलीं सुनेत्रा पवार, चल दी ससुर शरद पवार वाली चाल |

छुट्टी नहीं लेने पर नहीं होगा कोई नुकसान : अब हर साल बची हुई छुट्टियों के बदले मिलेगा पैसा, नए लेबर कोड 2025 से मिलेंगे ये फायदे!

Share:

दफ्तर में लगातार काम करने वाले कर्मचारियों की सबसे बड़ी शिकायत अक्सर यही होती है कि उनकी मेहनत के बदले मिलने वाली छुट्टियां (Earned Leaves) बिना इस्तेमाल हुए ही खत्म हो जाती हैं. लेकिन अब नए लेबर कोड 2025 (ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड- 2020) के जरिए इस बड़ी समस्या का एक स्थायी समाधान निकाल लिया है. यह नया कानून नौकरीपेशा वर्ग के लिए राहत की एक बड़ी सांस लेकर आया है. पहले जहां बची हुई छुट्टियों का पैसा पाने के लिए कर्मचारियों को अपनी नौकरी छोड़ने, रिटायर होने या कंपनी से निकाले जाने का लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब वे हर साल अपनी अतिरिक्त छुट्टियों को नकदी (Encashment) में बदल सकेंगे.

सिर्फ 6 महीने की नौकरी पर मिलेगा ‘अर्न लीव’

नए नियमों के तहत, अब कर्मचारियों को ‘अर्न लीव’ का हकदार बनने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. पुराने फैक्ट्रीज एक्ट (1948) में इसके लिए 240 दिनों तक लगातार काम करना अनिवार्य था. लेकिन, नए लेबर कोड में इस सीमा को घटाकर सिर्फ 180 दिन (लगभग छह महीने) कर दिया गया है. यानी, अगर किसी कर्मचारी ने एक कैलेंडर वर्ष में 180 दिन लगातार अपनी सेवाएं दी हैं, तो वह वेतन सहित छुट्टियों का हकदार बन जाता है. यह बदलाव पूरे देश में एक समान रूप से लागू होगा. हालांकि, जिन राज्यों में पहले से ही इससे बेहतर नियम (जैसे बिना किसी न्यूनतम अवधि के छुट्टी का अधिकार) मौजूद हैं, वहां कर्मचारियों को उन बेहतर नियमों का ही लाभ मिलता रहेगा.

छुट्टी नहीं लेने पर नहीं होगा कोई नुकसान

अक्सर ऐसा होता है कि कोई कर्मचारी छुट्टी के लिए आवेदन करता है, लेकिन कंपनी या बॉस कामकाज का हवाला देकर उसे नामंजूर कर देते हैं. पुरानी व्यवस्था में इस स्थिति में कर्मचारी की वह छुट्टी बेकार चली जाती थी. नए लेबर कोड 2025 ने इस अन्याय को पूरी तरह से खत्म कर दिया है. इसमें एक बेहद अहम सुरक्षा उपाय जोड़ा गया है. अगर किसी कर्मचारी ने छुट्टी मांगी है और नियोक्ता उसे खारिज कर देता है, तो वे छुट्टियां लैप्स (खत्म) नहीं होंगी. इसके बजाय, उन्हें बिना किसी ऊपरी सीमा के अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड कर दिया जाएगा. इस नियम से यह तय हो गया है कि कंपनी की किसी भी मजबूरी का खामियाजा अब कर्मचारी को अपनी छुट्टियों का नुकसान सहकर नहीं उठाना पड़ेगा.

बची हुई छुट्टियों से हर साल होगी अतिरिक्त कमाई

इस नए लेबर कोड का सबसे आकर्षक पहलू वार्षिक इनकैशमेंट की सुविधा है. विशेषज्ञों के अनुसार, अब कर्मचारी अधिकतम 30 दिनों की छुट्टियों को अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं. अगर किसी कर्मचारी के पास 30 दिन से ज्यादा छुट्टियां जमा हो जाती हैं, तो वह उन अतिरिक्त छुट्टियों के बदले पैसे की मांग कर सकता है. इतना ही नहीं, साल के अंत में कर्मचारी चाहें तो अपनी सभी जमा छुट्टियों को नकदी में बदलने का दावा कर सकते हैं.

किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?

नए लेबर कोड के ये आकर्षक फायदे सभी के लिए नहीं हैं. यह मुख्य रूप से उन वर्कर्स के लिए डिजाइन किया गया है जो मैनुअल, अकुशल, कुशल, तकनीकी, ऑपरेशनल या क्लर्कियल काम करते हैं और जिनका मासिक वेतन 18,000 रुपये से कम है. यदि कोई कर्मचारी सुपरवाइजर है और उसका वेतन 18,000 रुपये प्रतिमाह से अधिक है, या वह मैनेजर और प्रशासनिक पद पर कार्यरत है, तो उसे इस कोड के तहत ये विशिष्ट लाभ नहीं मिलेंगे. साथ ही, यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि कई राज्यों ने अभी तक इन नए लेबर कोड्स को अधिसूचित नहीं किया है. इसलिए, जब तक आपके राज्य में इसे लागू नहीं किया जाता, तब तक आपकी कंपनी पुराने नियमों पर ही काम कर सकती है.

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें